पदम श्री सम्मान से सम्मानित श्री उमाशंकर पांडे जी की मौजूदगी में समाजसेवी श्री गुलाबचंद कुशवाहा ने पीपल, बरगद, नीम के पौधे लगाकर 2100 पौधों को लगाने का संकल्प पूर्ण किया. भगवती मानव कल्याण संगठन के संयुक्त तत्वावधान मे समाजसेवी श्री गुलाबचंद कुशवाहा जी द्वारा समाज के बीच 2100 पौधे लगाने का संकल्प लिया गया था जिनको निर्धारित समय के अंतराल में विगत 3 वर्षों में समाजसेवी द्वारा शहर के अलग-अलग स्थानों पर फलदार, छायादार पौधे सुरक्षित स्थानों पर लगाए जा चुके हैं. जो आज काफी बड़े-बड़े हो गए है.
इसी क्रम में पिछले दिनों तक 2097 पौधों को सुरक्षित स्थानों पर लगाने का लक्ष्य पूरा किया जा चुका था. आज पदम श्री सम्मान से सम्मानित श्री उमाशंकर पांडे जी की उपस्थिति में समाजसेवी ने अपने संकल्प के बचे हुए तीन पौधे गल्ला मंडी ग्राउंड में स्थित श्री हनुमान जी के मंदिर परिसर में पीपल, बरगद, नीम के पौधों को लगाकर अपने संकल्प को पूर्ण किया.
वृक्षारोपण कार्यक्रम में उपस्थित पदम श्री सम्मान से सम्मानित श्री उमाशंकर पांडे जी ने कहा कि पौधारोपण की दिशा में समाजसेवी श्री गुलाबचंद कुशवाहा द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की और कहा कि इसी प्रकार से सभी लोग वनीकरण की दिशा में अपना योगदान दे तो निश्चित ही हमारा पर्यावरण और भी बेहतर हो सकेगा और कहा कि समाजसेवी ने समाज को जागरूक करने की दिशा में अलग-अलग कई क्षेत्रों में काम किया है. नशामुक्ति, पर्यावरण, जल सेवा, गौ सेवा व शिक्षा स्वास्थ्य के क्षेत्र पर समाज को जागरूक करने का समाजसेवी द्वारा अथक प्रयास किया जा रहा है.
कहा कि श्री गुलाब चंद्र कुशवाहा जी द्वारा किए गए सभी प्रयास अनुकरणीय हैं समाज के लिए युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है पदम श्री ने संगठन का समाजसेवी तथा उनकी समस्त टीम का इस नेक कार्य के लिए आभार व्यक्त किया समाज सेवी गुलाब चंद्र कुशवाहा जी ने सभी जनपद वासियों से अपील की है कि वह कम से कम एक-एक पौधा किसी भी सुरक्षित स्थान पर अवश्य लगाए और उसको संरक्षित करें जिससे जनपद को हरित क्रांति से आच्छादित कर सके ताकि हमारा पर्यावरण बेहतर हो सके और आने वाली नई पीढ़ी को हम सुरक्षित भविष्य दे सके इस वृक्षारोपण जन जागरूकता अभियान में सभी सहयोगी भाइयों का सभी जनपद वासियों का और समस्त टीम के सदस्यों का हृदय से आभार व्यक्त किया. इस कार्यक्रम में पूज्य पिता श्री राममनोहर कुशवाहा जी, उमेश चंद्र पांडे जी, बालचंद कुशवाहा, मनोज विश्वकर्मा, सेवा लाल, पप्पू सिंह, सौरभ विश्वकर्मा, जुगुल किशोर सोनकर, पुजारी जी शामिल रहे.