हरियाली ही भविष्य है: 5000 पौधों के संकल्प से पर्यावरण संरक्षण की मिसाल
- By
- Gulabchandra Kushwaha
- June-27-2026
🌱 “वृक्ष हमारे जीवन के अनमोल रत्न हैं।” 🌱
प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा नैतिक दायित्व भी है। आज जब बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियाँ पूरी दुनिया के सामने खड़ी हैं, तब वृक्षारोपण ही एक ऐसा माध्यम है जो धरती को फिर से हराभरा और जीवनदायी बना सकता है।
इसी उद्देश्य को लेकर भगवती मानव कल्याण संगठन, बुंदेलखंड हरियाली मिशन, बांदा के तत्वावधान में समाजसेवी एवं जनसेवक श्री गुलाब चंद्र कुशवाहा जी ने बुंदेलखंड की धरती पर 5000 पौधे लगाने का दृढ़ संकल्प लिया था। यह संकल्प केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित और संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और स्वच्छ पर्यावरण तैयार करने का अभियान है।
इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को तीन चरणों में पूरा करने की योजना बनाई गई। प्रथम और द्वितीय चरण के अंतर्गत वर्ष 2022 से 2025 के बीच 2355 पौधे सुरक्षित स्थानों पर लगाए जा चुके हैं। खुशी की बात यह है कि इनमें से अनेक पौधे अब वृक्ष का स्वरूप लेने लगे हैं और पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान की सफलता की कहानी कह रहे हैं।
श्री गुलाब चंद्र कुशवाहा जी ने बताया कि आगामी वर्षा ऋतु में शेष पौधों को तीसरे चरण के अंतर्गत जनपदवासियों की सहभागिता के साथ सुरक्षित स्थानों पर लगाया जाएगा। इस अभियान में विद्यालयों, पार्कों और अन्य खाली एवं सुरक्षित स्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि पौधों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सके और समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़े।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि हम आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य, स्वच्छ वातावरण और बेहतर जीवन देना चाहते हैं, तो हमें वृक्षारोपण को एक जनआंदोलन बनाना होगा। केवल सरकार या संगठन ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इस दिशा में अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
वृक्ष हमें शुद्ध वायु, जल संरक्षण, छाया और जीवन प्रदान करते हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल भी करे। यही छोटा प्रयास भविष्य में एक बड़े परिवर्तन का आधार बनेगा।
आइए, हम सभी मिलकर हरियाली का संकल्प लें और अपने बुंदेलखंड तथा देश को हरा-भरा बनाने में अपना योगदान दें।
🌳 एक पेड़ प्रकृति के नाम, एक पेड़ आने वाली पीढ़ी के नाम।
🌿 पेड़ लगाएँ, पर्यावरण बचाएँ।
🌱 हरित बुंदेलखंड, स्वच्छ भारत। 🌱
