वर्तमान समय में बच्चों और युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। इसी विषय को केंद्र में रखते हुए बांदा नशामुक्त जन-जागरण हस्ताक्षर अभियान के अंतर्गत 63वां आयोजन एम.एल. बाल विकास मंदिर, पुलिस लाइंस बांदा तथा 64वां आयोजन श्याम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जिला परिषद बांदा में भगवती मानव कल्याण संगठन के तत्वावधान में संपन्न किया गया। इन कार्यक्रमों में समाजसेवी श्री गुलाबचंद्र कुशवाहा जी की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री गुलाबचंद्र कुशवाहा ने कहा कि आज की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन बच्चों के हाथों में आज कलम और किताब होनी चाहिए, वे नशीली वस्तुओं के शिकार हो रहे हैं। यह समस्या केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी तेजी से फैल रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इसके लिए कई स्तरों पर जिम्मेदारी तय होती है—परिवार, जो बच्चों की उचित देखरेख नहीं कर पा रहा; समाज, जो इस समस्या को अनदेखा कर रहा है; सरकार, जो ठोस समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठा पा रही; और नशीली वस्तुओं के विक्रेता, जो बच्चों को भी इनका शिकार बना रहे हैं।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सबसे बड़ा जिम्मेदार हम स्वयं हैं, क्योंकि हम समय रहते आवाज नहीं उठाते। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 10 से 20 वर्ष की युवा पीढ़ी नशे की गर्त में चली गई, तो आने वाले समय में अपराध, घरेलू कलह, महिलाओं के विरुद्ध हिंसा और दुर्घटनाओं जैसी समस्याओं को रोक पाना और भी कठिन हो जाएगा।
उन्होंने समाज के प्रत्येक व्यक्ति से आह्वान किया कि वह अपने बच्चों को नशामुक्त, मांसाहार मुक्त और संस्कारयुक्त जीवन जीने की प्रेरणा दे। कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों को नशामुक्त जीवन, धर्म, राष्ट्र और मानवता की सेवा के लिए संकल्पित कराया गया।
इस अवसर पर एम.एल. बाल विकास मंदिर के प्रधानाचार्य श्री रामनारायण साहू ने कहा कि श्री कुशवाहा द्वारा नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। वहीं श्याम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री नवीन निगम ने उनके सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जनकल्याणकारी प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करना और एक स्वच्छ, शांतिपूर्ण एवं नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयास को मजबूत करना रहा।